Jainism (जैन धर्म): 540- 468 BC

Jainism (जैन धर्म): 540- 468 BC

In the history section of the General awareness portion in SSC, Railways, and various government exams, questions related to Jainism (540 – 468 BC) are asked frequently.
Here we are providing the complete information regarding Jainism (540 – 468 BC) in this article.
This Jainism (540 – 468 BC) related Complete Information will be very helpful in the General awareness section in different competitive exams like SSC, Railways, etc.
This “Jainism (540 – 468 BC)  related Complete Information” PDF will give you the complete details about the “Jainism (540 – 468 BC) ” and will help in your upcoming examinations.

Origin:

  • Jainism is as old as Vedic Religion
  • 24 Person propagated Jainism
  • Jain = Jena = Conquered
  • Great Teachers = Tirthankars
  • 1st = Rishabhanath/ Rishabhdev =Bull
  • 23rd = Parshvanath (born in Varansai)= Serpent
  • 24th = Mahavira = Lion

मूल:

  • जैन धर्म उतना ही पुराना है जितना कि वैदिक धर्म
  • २४ व्यक्ति ने जैन धर्म का प्रचार किया
  • जैन = जेना = विजय प्राप्त
  • महान शिक्षक = तीर्थंकर
  • पहला = ऋषभनाथ/ ऋषभदेव = बैल
  • २३वां = पार्श्वनाथ (वाराणसाई में जन्म) = नाग
  • २४वां = महावीर = सिंह

Early Life of Vardhaman Mahavira:

  • Born = 543 BC
  • Place = Kundangram at Vaishali
  • Father = Siddhartha (Head of Jnatrika Clan)
  • Mother – Trishala (Sister of Lichchhavi Chief Chetaka)
  • Wife – Yasoda
  • Daughter – Anojja Priyadarsana
  • Son-in- law – Jamali – 1st Disciple

वर्धमान महावीर का प्रारंभिक जीवन:

  • जन्म = 543 ई.पू
  • स्थान = वैशाली में कुंदनग्राम
  • पिता = सिद्धार्थ (ज्ञानत्रिक वंश के मुखिया)
  • माता – त्रिशला (लिच्छवी प्रमुख चेतक की बहन)
  • पत्नी – यशोदा
  • पुत्री – अनोजा प्रियदर्शन
  • दामाद – जमाली – पहला शिष्य

 

  • At the age of 30 he left home in the search of Truth (Diksha)
  • He was accompanied by Makkhali Gosala but later left him and founded Ajivika Sect
  • 30 साल की उम्र में उन्होंने सत्य (दीक्षा) की तलाश में घर छोड़ दिया उनके साथ मक्खली गोशाला भी थे, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें छोड़ दिया और आजिविका संप्रदाय की स्थापना की

 Kaivalaya:

  • For 12 years he travelled extensively
  • He took bath in River Rijapalika (Jimbhikagram)
  • & Meditated under Sal Tree
  • At the age of 42, he attained Kevala Jana

कैवलया :

  • 12 साल तक उन्होंने बड़े पैमाने पर यात्रा की
  • उन्होंने रिजापालिका नदी (जिंभीकाग्राम) में स्नान किया।
  • और साल ट्री के नीचे ध्यान
  • 42 वर्ष की आयु में उन्होंने केवला जन प्राप्त किया

 There after he was called:

  • Mahavira (the brave)
  • Jina/ Jitendriya
  • Arihant (Blessed one)
  • Kevalin (Perfect learned)
  • Nigrantha (Free from all bonds)

वहाँ के बाद उसे बुलाया गया था :

  • महावीर (बहादुर)
  • जीना/जितेंद्रिय
  • अरिहंत (धन्य एक)
  • केवलिन (बिल्कुल सही सीखा)
  • निग्रंथ (सभी बंधनों से मुक्त)

 

  • Sermon : at Pava to 11 Brahman (Ganadharas)
  • Founded Jain Sangha at Pava
  • Died at 72 at a place called Pavapuri in Mala Pava near Biharsharif in Bihar by Self- Starvation
  • उपदेश: पावा से ११ ब्रह्मा (गणधर)
  • पावा में जैन संघ की स्थापना की
  • 72 साल की उम्र में बिहार में बिहारशरीफ के पास माला पावा में पावापुरी नामक स्थान पर निधन हो गया स्व-भुखमरी से

Doctrine:

Ratna- Triya or 3 Jewels of Jainism

  • Right Faith/ Samyak Sharaddha – Belief in Tithankaras
  • Right Knowledge / Samyak Jnan – Knowledge of Jain creed
  • Right action / Samyak Karma – Practice of 5 vows of Jainism

सिद्धांत :

रत्न- त्रय या जैन धर्म के 3 रत्न

  • सम्यक आस्था/ सम्यक श्रद्धा – तीर्थंकर में विश्वास
  • सम्यक ज्ञान – जैन पंथ का ज्ञान
  • सम्यक कर्म – जैन धर्म के ५ व्रतों का अभ्यास

Panch Mahavartas:

  • Ahimsa – No Violence : Walk, Talk & eat Carefully
  • Satya – Don’t Speak Lie
  • Asteya – Don’t Steal
  • Aparigraha – Don’t acquire property [Top 4 by Prasvnath]
  • Brahmacharya (Chasity ) by Mahavira
    • Take simple food

पंच महावर्त :

  • अहिंसा – कोई हिंसा नहीं: चलो, बात करो और ध्यान से खाओ
  • सत्या – झूठ मत बोलो
  • अस्तेय – चोरी मत करो
  • अपरिग्रह – संपत्ति का अधिग्रहण न करें [प्रसवनाथ द्वारा शीर्ष ४]
  • महावीर द्वारा ब्रह्मचर्य (शुद्धि) – सादा भोजन करें

Types of Knowledge:

  • Mati Jnan – by normal means of Mind & Sense
  • Shruta Jnan – by signs, symbols, words, hearing & Scriptures
  • Avadhi Jnan – without mind & sense. The person visualize Past, Present & Future
  • Mahaparyaya Jnan – through other living beings
  • Keval Jnan – Realized your own Soul.

ज्ञान के प्रकार :

  • मति ज्ञान – मन और इंद्रियों के सामान्य माध्यम से
  • श्रुत ज्ञान – संकेतों, प्रतीकों, शब्दों, श्रवण और शास्त्रों द्वारा by
  • अवधी ज्ञान – बिना मन और इंद्रियों के। व्यक्ति भूत, वर्तमान और भविष्य की कल्पना करता है
  • महापर्य ज्ञान – अन्य जीवित प्राणियों के माध्यम से
  • केवल ज्ञान – अपनी आत्मा को महसूस किया।

Preached by Mahavira:

  • Mahavira rejected Vedic principles.
  • He did not believe in God’s existence.
  • He believed in Karma and transmigration of the soul. The body dies but the soul does not.
  • Stressed on equality but did not reject the caste system, unlike

महावीर द्वारा उपदेश :

  • महावीर ने वैदिक सिद्धांतों को खारिज कर दिया।
  • वह ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास नहीं करता था।
  • वह कर्म और आत्मा के स्थानांतरगमन में विश्वास करते थे। शरीर मरता है लेकिन आत्मा नहीं।
  • समानता पर जोर दिया लेकिन बौद्ध धर्म के विपरीत जाति व्यवस्था को खारिज नहीं किया। 

Councils:

  • 1st Jain Council : 3rd Century (300 BC)
  • Place : Pataliputra
  • Chairman : Sthulabhadra
  • Patron : Chandragupta Maurya
  • Teaching complied in 12 Angas

 

  • 2nd Jain Council – 5th Century – 512 AD
  • Place : Devardhi in Valabhi
  • Final compilation of 12 Angas & 12 Upangas
  • Jainism into 2:
  • Digamabaras
  • Swetambaras

परिषद :

  • पहली जैन परिषद: तीसरी शताब्दी (300 ईसा पूर्व)
  • जगह: पाटलिपुत्र
  • अध्यक्ष: शुलभद्र
  • संरक्षक: चंद्रगुप्त मौर्य
  • १२ अंगो में अध्यापन का पालन किया गया

 

  • दूसरी जैन परिषद5वीं शताब्दी – 512 ईस्वी
  • जगह : वल्लभी में देवर्षि
  • १२ अंग और १२ उपांगों का अंतिम संकलन
  • जैन धर्म २ में:
  • दिगंबरस
  • श्वेतांबर

 Digambara

  • Without Dress
  • Male Monk donot wear clothes while female monks wear unstitched plain white Saree
  • Exponent : Bhadurbahu
  • Believe in all 5 five vows
  • Believe woman cannot achieve liberation
  • 4 subsects: Mula Sangh, Terapantha, Bisapantha & Taranpatha

दिगंबर :

  • पोशाक के बिना
  • पुरुष साधु कपड़े नहीं पहनते हैं जबकि महिला भिक्षु बिना सिले सफेद साड़ी पहनती हैं
  • प्रतिपादक : भादुरबाहु
  • सभी 5 पांच प्रतिज्ञाओं में विश्वास करें
  • माना नारी मुक्ति नहीं पा सकती
  • 4 उपखंड: मूल संघ, तेरापंथा, बिसपंथ और तरनपथ

 Swetambara

  • With Dress
  • Follow only 4 vows
  • Exponent : Sthulabhadra
  • Believe women can achieve liberation
  • Subsects: Murtipujka, Sthanakvasi & Terapanthi

श्वेतांबर :

  • पोशाक के साथ
  • केवल 4 प्रतिज्ञाओं का पालन करें
  • प्रतिपादक: शुलभद्र:
  • विश्वास करें कि महिलाएं मुक्ति प्राप्त कर सकती हैं
  • उपखंड: मूर्तिपुजका, स्थानकवासी और तेरापंथी

 Jain Literature

  • Agam or Canonical Literature
  • Sacred books of Jainism
  • Written in Ardha- Magadhi
  • Non- Agam Literature

*14 Purvas/ Paravas – Part of 12 Angas & oldest teaching of Mahavira’s preaching

जैन साहित्य :

  • आगम या विहित साहित्य
  • जैन धर्म के पवित्र ग्रंथ
  • अर्ध-मगधि में लिखा गया है
  • गैर आगम साहित्य

*१४ पूर्वा/पर्व – १२ अंगो का हिस्सा और सबसे पुराना शिक्षण महावीर का उपदेश

 Other Important Literature:

  • Kalpasutra in Sanskrit by Bahrabahu
  • Parishista Parvan – by Hemachandra

अन्य महत्वपूर्ण साहित्य :

  • बहराबाहु द्वारा संस्कृत में कल्पसूत्र
  • परिशिष्ठ पर्व – हेमचन्द्र . द्वारा

Royal patrons of Jainism:

South India

  • Kadamba dynasty
  • Ganga dynasty
  • Amoghavarsha
  • Kumarapala (Chalukya dynasty)

जैन धर्म के शाही संरक्षक :

दक्षिण भारत

  • कदंब राजवंश
  • गंगा राजवंश
  • अमोघवर्ष नृपतुंग
  • कुमारपाल (चालुक्य वंश)

North India

  • Bimbisara
  • Ajatasatru
  • Chandragupta Maurya
  • Bindusara
  • Harshavardhana
  • Bindusara
  • Kharavela

उत्तर भारत

  • बिंबिसार
  • अजातशत्रु
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिन्दुसार
  • हर्षवर्धन
  • बिन्दुसार
  • खारवेल

Architecture or Monuments:

  • Lenya/ Gumphas (Caves)
  • Statues
  • Jinalaya (Temples)

वास्तुकला या स्मारक :

  • लेन्या/गुम्फा (गुफाएं)
  • मूर्तियां
  • जिनालय (मंदिर)

Caves:

  • Ellora Caves (No.30-35), Maharashtra
  • Gajapatha Caves, Maharashtra
  • Mangi Tungi Cave, Maharashtra
  • Sittanavasal Cave , Tamil Nadu
  • UdayagiriKhandagiri Caves , Odisha
  • Hathigumpha Cave, Odisha

Statue:

  • Gometeshwar/ Bahubai Statue, Karnataka

Jinalaya:

  • Dilawara Temple, Mount Abu
  • Muktagir Temple, Maharashtra
  • Girnar & Palitana Temple, Gujarat

JAINISM PDF

Read More History Notes 

Yearly Subscription for Current Affairs (Feb 2021 – Feb 2022) Mock Tests

State Name Online Mock test Link
Bihar State GK Online Mock Test for State Government Exams Click Here
Haryana State GK Online Mock Test for State Government Exams Click Here
Rajasthan State GK Online Mock Test for State Government Exams Click Here
Madhya Pradesh (MP) State GK Online Mock Test for State Government Exams Click Here
Punjab State GK Online Mock Test for State Government Exams Click Here
3

Leave a Reply